निरभौ निरवैर – Nirbhau Nirvair Lyrics in Hindi (From Qala)

Nirbhau Nirvair Lyrics

निरभौ निरवैर ऐसी मरनी जो मरे, बहुरि ना मरना होयकबीरा मरता-मरता जग मुआमर भी ना जाणे कोय क्या जाणे किवें मरांगे कैसा मरणा होयजे कर साहिब मनहु ना विसरेताँ सहल